Thursday, 19 April 2018

उन्नाव केस: सरकार ने वापस ली कुलदीप सेंगर की सुरक्षा, घर से वापस बुलाए गए गार्ड

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. विधायक को सरकार की तरफ से अभी तक जो सुरक्षा दी जा रही थी वह वापस ले ली गई है. कुलदीप सेंगर की सुरक्षा में जो वाई श्रेणी के गार्ड थे उन्हें सरकार ने वापस बुला लिया है. इसके अलावा घर पर तैनात सुरक्षा को भी हटा लिया गया है.

आपको बता दें कि उन्नाव गैंगरेप केस की जांच कर रही सीबीआई ने गुरुवार को एक बार फिर पीड़िता, उसकी मां और चाचा से पूछताछ की थी. दिल्ली से गई स्पेशल सीबीआई की टीम ने परिवार से घटना के बारे में पूरी जानकारी ली थी. गौरतलब है कि सीबीआई को पीड़िता के पिता के खिलाफ पुलिस की एफआईआर फर्जी होने के सबूत मिले हैं. आरोपी विधायक के भाई से भी पूछताछ की जा रही है.

पिता को बर्बरता से पीटने का आरोप

मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी. उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल हो गया. अब तक कुछ नहीं हुआ. दिल्ली से उसके पिता गांव आए, तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा. उनको घसीटकर ले गए. पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया. इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई है.

पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां

पीड़िता के पिता को बीते रविवार रात को जेल में पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां शुरू हुई थीं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई. मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष थी. मृतक के परिजन ने बीजेपी विधायक पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है.


Source:-Aajtak

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Wednesday, 11 April 2018

उन्नाव गैंगरेप केस: BJP विधायक पर FIR दर्ज, जांच CBI के हवाले

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. आरोपी विधायक पर उन्नाव के माखी थाने में बुधवार देर रात आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके साथ यूपी सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर दी है.

सेंगर ने कहा- मैं साजिश का शिकार

एसएसपी आवास के बाहर आरोपी विधायक ने कहा कि, 'जांच रिपोर्ट में क्या है, मुझे नहीं मालूम. एसआइटी रिपोर्ट में क्या-क्या मामले आए हैं, इसका मुझे कुछ नहीं पता. यह कहा जा रहा है कि मैं भाग गया हूं, फरार हो गया हूं. इसलिए मैं यह दिखाना चाहता हूं कि मैं जनता का आदमी और जनता के बीच में हूं. इसीलिए मैं सामने आ रहा हूं.'

'मेरे खिलाफ साजिश की गई है'

उन्होंने कहा, 'मुझे रेप का आरोपी बनाया गया है. मैं ये सपने में भी नहीं सोच सकता. मेरे खिलाफ साजिश की गई है. मेरा मीडिया ट्रायल किया गया है. मैं साजिश का शिकार हुआ हूं. मैं चाहता था कि निष्पक्ष जांच हो. मैंने कभी किसी पर दबाव नहीं बनाया. यदि मैं दोषी हूं या मेरा भाई गुनहगार है, तो सजा मिलेगी. कानून के तहत सबको सजा मिलनी चाहिए.'

पिता को बर्बरता से पीटने का आरोप

मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी. उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल हो गया. अब तक कुछ नहीं हुआ. दिल्ली से उसके पिता गांव आए, तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा. उनको घसीटकर ले गए. पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया. इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई है.

पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां

पीड़िता के पिता को बीते रविवार रात को जेल में पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां शुरू हुई थीं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई. मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष थी. मृतक के परिजन ने बीजेपी विधायक पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है.

चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

उन्नाव की पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि ने बताया कि मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया है. जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था.

सीएम आवास पर आत्मदाह का प्रयास

बताते चलें कि उन्नाव की रहने वाली 18 वर्षीय एक युवती ने बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर और उनके भाइयों पर पिछले साल गैंगरेप का आरोप लगाया था. अदालत के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोपियों के बजाय अपने पिता के खिलाफ कार्रवाई किये जाने से क्षुब्ध होकर पीड़ित युवती ने आत्मदाह का प्रयास किया था.

Source:-Aajtak

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Sunday, 8 April 2018

कर्नाटक चुनाव के लिए बीजेपी ने पहले चरण में 72 उम्मीदवारों के नामों का किया ऐलान

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने कुछ पत्ते खोल दिए हैं. कर्नाटक की कुल 224 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने पहले चरण के तहत अपने 72 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. आज दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में चार घंटे चली मैराथन बैठक में भाजपा हाईकमान ने इन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी.

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की आज दिल्ली में बैठक हुई. इस बैठक में पार्टी का पूरा फोकस कर्नाटक चुनाव ही था. कर्नाटक में भाजपा के सीएम उम्मीदवार येदियुरप्पा ने 140 उम्मीदवारों के नामों की सूची सौंपी थी. माना जा रहा कि ये सूची येदियुरप्पा ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों की भेजी थी. इनमें से शीर्ष नेतृत्व ने पहले चरण के तहत 72 नामों पर अपनी मंजूरी दे दी है. येदियुरप्पा खुद शिकारीपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में ताल ठोकेंगे. 

इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह विभाजन की राजनीति करती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी जाति और धर्म के आधार पर लोगों को विभाजित करने की कोशिश करती है, जबकि कांग्रेस ऐसा कुछ नहीं करती. पार्टी विभाजन की राजनीति पसंद नहीं करती. टिकट बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि टिकट उसी को दिया जाएगा जिसमें जीत की संभावना दिखेगी, साथ ही सामाजिक न्याय के आधार पर भी उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.

कर्नाटक की कुल 224 विधानसभा सीटों के लिए कांग्रेस 15 अप्रैल तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है. इसके लिए कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप देने के लिए 11 अप्रैल से बैठकों का दौर शुरू हो रहा है. कांग्रेस महासचिव मधुसूदन मिस्त्री की अगुवाई में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी कर्नाटक के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों की जांच पड़ताल करेंगे.

Source:-Aajtak

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Saturday, 7 April 2018

कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग में छा गया सिक्योरिटी गार्ड का बेटा सतीश

भारत के स्टार वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवालिंगम ने 21वें कॉमनवेल्थ खेलों के तीसरे दिन एक और गोल्ड मेडल जीत लिया. सतीश ने वेटलिफ्टिंग के पुरुषों के 77 किलोग्राम भारवर्ग में देश को सोने का तमगा दिलाया. सतीश ने स्नैच में 144 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया, तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 173 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया. कुल मिलाकर उनका स्कोर 317 रहा.इस इवेंट का सिल्वर मेडल इंग्लैंड के जैक ओलिवर के नाम रहा, जिन्होंने 312 का कुल स्कोर किया. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के फ्रांकोइस टुउंडी ने 305 के कुल स्कोर के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया.

तमिलनाडु के वेल्लौर में जन्मे सतीश ने ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स में 77 किग्रा की केटेगरी में कुल 328 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड मेडल हासिल किया था. इसमें से 149 किग्रा वजन स्नैच में और 179 किग्रा वजन क्लीन एंड जर्क में उठाया था. स्नैच में उनका 149 किग्रा वजन उठाना कॉमनवेल्थ खेलों में उनकी कैटेगरी का यह रिकॉर्ड बन गया. सतीश ने दो कॉमनवेल्थ खेलों में लगातर गोल्ड मेडल जीतकर अपनी अगल पहचान बनाई है. उनसे एशियन गेम्स में ऐसे ही शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी.

Source:-Aajtak

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Thursday, 5 April 2018

वेतन छोड़ने का मामला: NDA में दरार, शिवसेना बोली- हम इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ नहीं

नई दिल्ली: संसद में कार्यवाही नहीं चलने के कारण एक मंत्री की ओर से सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों द्वारा 23 दिनों का वेतन छोड़ने की घोषणा के बाद गुरुवार को एनडीए में मतभेद उभर आया. शिवसेना ने कहा है कि इस मुद्दे पर पार्टी बीजेपी के साथ नहीं है जबकि दूसरी सहयोगी रालोसपा ने कहा कि उसे फैसले की जानकारी नहीं है.

सावंत ने कहा, ‘‘उन्होंने फैसला करने से पहले हमसे राय-मशविरा नहीं किया. उन्हें केवल राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनावों के दौरान एनडीए की याद आती है.’’  शिवसेना के 18 सांसद हैं और वह एनडीए का दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है. सावंत ने कहा, ‘‘यह वेतन का मुद्दा नहीं है. सांसद के रूप में हमने अपना काम किया. संसद नहीं चलने पर भी हमने अपने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रालयों के साथ बैठक की.’’

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें एनडीए सांसदों द्वारा बजट सत्र के दूसरे हिस्से के दौरान 23 दिनों का वेतन नहीं लेने के फैसले की जानकारी नहीं है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है. मैं इसके बारे में नहीं जानता हूं.’’

Source:-Zee News

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Wednesday, 4 April 2018

पीएम मोदी का गरीबों के लिए सस्ते मकान का सपना खटाई में, पढ़ें क्‍या है वजह

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 2021 तक गरीबों के लिए 25 लाख मकान बनाने का वादा किया था, लेकिन लैंड पूलिंग एक्ट में देरी और बार बार पॉलिसी बदलने से अब सस्ते मकान बनाने का सपना खटाई में पड़ता दिख रहा है. किसानों का आरोप है कि लैंडपूलिंग एक्ट में बदलाव करके बड़े बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है. 

बाहरी दिल्ली में इस तरह की करीब 65 हजार एकड़ जमीन पर लैंड पूलिंग एक्ट के तहत सस्ते मकान बनने हैं. 2013 में नोटिफीकेशन भी हुआ. पिछले साल दिल्ली सरकार ने करीब 70 गांवों को शहरी गांव का दर्जा देकर लैंड पूलिंग एक्ट लागू करने के रास्ते भी खोल दिए, लेकिन उसके बावजूद सालभर से ज्यादा वक्त गुजर गया और लैंड पूलिंग एक्ट कागजों में ही है.

लैंड पूलिंग एक्ट में हो रही देरी से किसान नाराज हैं. इसी के चलते बीजेपी सांसद उदित राज भी मंत्रालय को  चिट्टी लिखकर नाराजगी जता चुके हैं. लैंड पूलिंग एक्ट के तहत छोटे किसान मिलकर एक बड़ी जमीन का खाका डीडीए को देते और वो वहां आधारभूत ढांचा खड़ा करके मकान बनाने को मंजूरी देता, लेकिन अब नियम ऐसे बना दिए गए जिससे छोटे किसानों को अपनी जमीन बड़े बिल्डरों को देना मजबूरी होगी और इसकी निगरानी के बंदोबस्त न होने से कई तरह के फ्रॉड होने की गुंजाइश भी बनी रहेगी. 

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