Sunday, 30 July 2017

Terror funding: NIA conducts raids in Jammu, Geelani aide under scanner

The NIA conducted raids at two places belonging to a close aide of hardline separatist leader Syed Ali Shah Geelani in Jammu on Sunday in connection with its probe in the terror funding case in Kashmir, officials said.

In a related development, the National Investigation Agency (NIA) also issued summon to Naseem, the second son of Geelani, who heads separatist conglomerate Tehreek-e-Hurriyat, to appear before the agency on Wednesday. His elder son Nayeem has been summoned at the NIA headquarters on Monday.

The NIA had registered a case on May 30 against the separatist and secessionist leaders, including members of the Hurriyat Conference, who have been acting in connivance with active militants of the HM, Dukhtaran-e-Millat, LeT, other outfits and gangs.

The case was registered for raising, receiving and collecting funds through various illegal means, including hawala, for funding separatist and terrorist activities in Jammu and Kashmir and for causing disruption in the Kashmir Valley by way of pelting security forces with stones, burning schools, damaging public property and waging war against India.

In pursuance of this case, the NIA had conducted widespread searches on the suspected persons in Jammu and Kashmir, Delhi and Haryana and incriminating documents, electronic devices, cash and other valuables worth crore of rupees were unearthed.

For the the first time since the rise of militancy in Kashmir in the early 1990s, a central probe agency had carried out raids in connection with the funding of separatists and carried out arrests.

Source:-Hindustantimes

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Tuesday, 25 July 2017

कोविंद बने राष्ट्रपति: पहले भाषण में लिया 8 नेताओं का नाम, कांग्रेस को फिर भी एतराज

नई दिल्ली.रामनाथ कोविंद ने 14वें राष्ट्रपति के तौर पर मंगलवार को शपथ ली। CJI जेएस खेहर ने उन्हें शपथ दिलाई। कोविंद को 21 तोपों की सलामी दी गई। हिंदी में शपथ लेने के बाद कोविंद ने बतौर राष्ट्रपति पहला भाषण दिया। इसमें उन्होंने राष्ट्र निर्माता की अपनी परिभाषा कई उदाहरणों के जरिए समझाई। कोविंद ने भाषण में आठ नेताओं का जिक्र किया। इनमें से छह नेता कांग्रेस से जुड़े थे। लेकिन जवाहरलाल नेहरू का जिक्र नहीं होने पर कांग्रेस ने एतराज जताया। कोविंद के शपथ ग्रहण के बाद संसद के सेंट्रल हॉल में 'भारत माता की जय' और 'जय श्रीराम' के नारे भी लगे। सभी का हृदय से आभारी हूं...

- "मैं मिट्टी के घर में पला-बढ़ा हूं। हमारे देश की भी यही गाथा रही है। संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल तत्वों का पालन किया जाता है। मैं भी यही करूंगा। 125 करोड़ नागरिकों ने जो विश्वास जताया, उस पर खरा उतरने का वचन देता हूं। मैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृण्ष्णन, डॉ. कलाम और प्रणब मुखर्जी जिन्हें हम प्रणब दा कहते हैं, उनके पदचिह्नों पर चलने जा रहा हूं।"

21वीं सदी भारत की होगी
- कोविंद बोले, "गांधीजी ने हमें मार्ग दिखाया। सरदार पटेल ने हमारे देश का एकीकरण किया। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हम सभी में मानवीय गरिमा और गणतांत्रिक मूल्यों का संचार किया। वे राजनीतिक स्वतंत्रता से संतुष्ट नहीं थे। वे करोड़ों लोगों की आर्थिक स्वतंत्रता का लक्ष्य चाहते थे। हम 21वीं सदी के दूसरे दशक में हैं। हमें भरोसा है कि ये भारत की सदी होगी। हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो आर्थिक नेतृत्व देने के साथ ही नैतिक आदर्श भी प्रस्तुत करे।" 
- "विविधता ही हमारा वो आधार है जो हमें विशेष बनाता है। हम बहुत अलग हैं, फिर भी एक हैं और एक रहेंगे। 21वीं सदी का भारत औद्योगिक क्रांति को भी विस्तार देगा। हमें अपनी परंपरा और प्रौद्योगिकी को प्राचीन भारत के ज्ञान और समकालिन विज्ञान के साथ लेकर चलना है। डिजिटल राष्ट्र हमें विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेगा।"

कौन हैं रामनाथ कोविंद?
- कोविंद (71) एक अक्टूबर 1945 को कानपुर की डेरापुर तहसील के परौंख गांव में जन्मे। 1978 में SC में वकील के तौर पर अप्वाइंट हुए। 1980 से 1993 के बीच SC में केंद्र की स्टैंडिंग काउंसिल में भी रहे। 
- कोविंद 1977 में तब पीएम रहे मोरारजी देसाई के पर्सनल सेक्रेटरी बने। 
- बीजेपी का दलित चेहरा हैं। पार्टी ने बिहार इलेक्शन में गवर्नर के तौर पर उनके दलित चेहरे को प्रोजेक्ट किया था। कोविंद दलित बीजेपी मोर्चा के अध्यक्ष रहे। ऑल इंडिया कोली समाज के प्रेसिडेंट हैं। 
- कोविंद 1994 से 2000 तक और उसके बाद 2000 से 2006 तक राज्यसभा सदस्य रहे। अगस्त 2015 में बिहार के गवर्नर अप्वाइंट हुए। 
- वे 1990 में घाटमपुर से एमपी का इलेक्शन लड़े, लेकिन हार गए। इसके बाद वे 2007 में यूपी की भोगनीपुर सीट से चुनाव लड़े, पर ये चुनाव भी वे हार गए। उनके परिवार में पत्नी सविता, एक बेटा और एक बेटी है।
- कोविंद बीजेपी के नेशनल स्पोक्सपर्सन रह चुके हैं, लेकिन वे लाइमलाइट से इतने दूर रहते हैं कि प्रवक्ता रहने के दौरान कभी भी टीवी पर नहीं आए।

Source:-Bhaskar
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Jaipur: Daughter of mountaineering camp organiser falls to death during training class

Jaipur: In a shocking incident, a student in Jaipur fell from the sixth floor of her college on Sunday while training in zip-lining.

The training at International College for Girls (ICG) in Jaipur's Mansarovar area was being conducted by the victim's father.

The woman was rushed to the nearest hospital, where she breathed her last, police said.

A probe has been launched into the matter, they said.

"It is a six-storey building and she fell from the top. Her father said she had finished her round and was standing there watching when she suddenly fell. We are investigating what led to the death and how she fell, we will question other witnesses who were with her. It does not appear to be a case of suicide," NDTV quoted police officer Mukesh Chaudhary as saying.

Source:-Zeenews
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Monday, 24 July 2017

लोकलुभावन हो सकता है अगला बजट, सामाजिक व भौतिक सुविधाओं पर व्यय बढ़ाने की चुनौती

नई दिल्ली। मोदी सरकार 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने आखिरी पूर्ण बजट में सामाजिक क्षेत्र पर आवंटन बढ़ाकर लोक लुभावन रास्ता अख्तियार कर सकती है। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले वर्षो में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण ढांचागत सुविधाओं पर खर्च बढ़ाने पर जोर देगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि विकास के मोर्चे पर आज देश के समक्ष भौतिक और सामाजिक सुविधाओं में निवेश बढ़ाना प्रमुख चुनौती है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को ‘दिल्ली इकोनॉमिक कान्क्लेव’ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के समक्ष विकास की जो चुनौतियां हैं उनमें भौतिक और सामाजिक सुविधाओं पर खर्च बढ़ाने की प्रमुख हैं। खासकर ग्रामीण भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में व्यापक निवेश किये जाने की जरूरत है ताकि हम मानव संसाधन का समग्रता से दोहन कर सकें।

नोटबंदी और जीएसटी के बाद नकद लेन-देन हुआ मुश्किल
जेटली ने कहा कि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के बाद कैश ट्रांजैक्शन करना मुश्किल हुआ है। इससे कर अनुपालन बेहतर होगा तथा कर आधार भी बढ़ेगा। सरकार ने मुखौटा कंपनियों, घरेलू काले धन और विदेश में जमा काले धन पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी तादाद में लेनदेन सिस्टम से बाहर हो रहे थे। यह एक आम बात बन गयी थी। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने आठ नवंबर 2016 को ऐतिहासिक निर्णय करते हुए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने का फैसला किया था। इसी तरह सरकार ने एक दशक से अधिक समय तक लंबित वस्तु एवं सेवा कर को एक जुलाई 2017 से लागू करने का काम किया है।

Source:-Jagran
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Wednesday, 19 July 2017

Deadline for filing income tax return nears; here are 5 common mistakes that you must avoid

New Delhi: Filing of income tax return –the annual ritual –can get really troublesome if you don't pay heed to the details. Every year, numerous applications get rejected due to incorrect or mismatched information.

This is the reason why you should not make any mistakes on your application, especially if you are e-filing for returns for the first time.

1. Waiting until the due date to e-file your returns

Most of us wait till the 30th of July to start processing our income tax returns. This is a lazy pattern that many taxpayers are being used to. The government has simplified filing for returns by introducing online filing system, hence you must file your ITR ahead of the due date to avoid any errors or for rectifying the same.

2. Delaying e-verification on return

Until the returns are verified, the procedure of filing for returns remains incomplete. Taxpayers have two options for verifying the returns;

- Either sending the Income Tax Returns Verification acknowledgment to CPC, Bangalore within 120 days of filing the returns.

- Or an easier option would be, e -verifying your returns online.

There will be no requirements to send the ITR V if you e-verify the returns online. The procedure of e-verification can be done via net banking, Demat account, Aadhaar number and bank account number.

3. Filling the form with incorrect personal details

To be eligible for e-filing benefits you must first register on the official website of the Income Tax Department. To achieve a flawless e-filing process you must furnish the accurate personal details like your postal address, date of birth, status, email ID, mobile number etc.

It is also pivotal to make sure that your details are filled correctly in their designated columns. Any mistakes in your date of birth will result in you falling in the higher tax slab. The registration process can be tricky if you aren’t familiar with the norms and any incorrect information may lead to issues in the future.

4. Errors in your banking particulars

Even if claiming for refunds is not applicable to you, it is mandatory to furnish your bank account details. While e-filing, always double check to see if the name, account number, IFSC and MICR code of your bank account matches the credentials entered in the registration portal.

5. Failing to report all the bank accounts

Many people neglect this provision and fail to declare all their bank accounts which have been functional within that financial year. This practice is illegal as the Income Tax Department has clearly stated under its act that every taxpayer must mandatorily submit all the bank accounts registered in the name of the taxpayer. Also, if you have made a cash deposit of more than Rs 2 Lakh during the demonetization period (November 9, 2016-December 30, 2016), you must fill a specified column in the e-form to report the cash deposited.

Source:-Zeenews

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Monday, 17 July 2017

Enforcement Directorate raids Baba Siddique, others' premises in PMLA case

Mumbai: The Enforcement Directorate on Wednesday conducted searches at the premises of Congress leader Baba Siddique and few others in the Maharashtra capital over the Slum Rehabilitation scam.

News agency PTI has quoted officials as saying that raids are being carried out in at least six locations in Mumbai, including that of builder Rafique Maqbul Qureshi. Maqbul is believed to be a close associate of Siddiqui.

The agency also suspects usage of shell companies in committing the alleged irregularities and hence the raids are being conducted to gather more evidence, they said.

The scam amounts to approximately Rs 100 crore.

As per rules, whenever a plot is developed in the slum area, a portion of it is devoted to the slum-dwellers. However, it has been alleged that the fraud was done with the help of false documents.

During the raids, documents showing money being sent to Siddiqui's company have been found from Qureshi's place.

Siddique has been a Congress MLA in the Maharashtra Assembly and also served as a Municipal Corporator.

Source:-Zeenews

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Friday, 19 May 2017

Expressway ventures worth Rs 5 lakh crore arranged in 2 years



NEW DELHI: The Narendra Modi government has set an aspiring focus of granting Rs 5 lakh crore worth of thruway contracts, totalling around 50,000 km, over the most recent two years of its residency, outperforming the combined street length granted for paying over the most recent five years.

"We have arranged a few undertakings that would be extremely significant for general improvement of the nation. These new parkways would decongest the current streets, cutting down coordinations taken a toll by 5-6%," Gadkari told ET. "My service's vision is that a cargo vehicle ought to proceed onward parkways without confinements and ought to have the capacity to do no less than 400 km for each day. It will have extremely positive effect on the coordinations business."

At present, there are 10 road ventures at different phases of usage. Gadkari said his service would raise cash through NHAI bonds, monetisation of expressways and extra distribution in budgetary support. He said the Center's first interstate, the Eastern fringe freeway, would be prepared in a couple of months.

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